वैशाली। वैशाली जिले में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जितने भी लोग देश के हॉट-स्पॉट से आए हैं, सभी की जांच कराई जाएगी। जिले के लिए राहत की बात है कि जिले में एक भी व्यक्ति पॉजिटिव नहीं पाया गया है। यहां के लोग शुरू से लेकर अब तक सतर्क एवं सजग हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर पूरे हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है। हर हालात से मुकाबले के लिए वैशाली जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम दिन-रात काम कर रही है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने अब मास्टर प्लान तैयार किया है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरी तैयारी कर रखी है।
वैशाली की डीएम उदिता सिंह ने सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिले में करीब 300 लोग विदेशों से यहां आए थे। वहीं देश के विभिन्न राज्यों से करीब 9500 लोग आए हैं। सभी को क्वारंटाइन में रखा गया है। जिले में 29, 30 एवं 31 मार्च को काफी तादाद में दूसरे राज्यों में काम करने वाले वैशाली के लोग यहां आए हैं। इनमें महाराष्ट्र से 67 लोग यहां आए जबकि दिल्ली, कर्नाटक एवं केरल से लोग आए। इन सभी लोगों को क्वारंटाइन में रखकर गहन निगरानी रखी जा रही है। विदेशों एवं देश के विभिन्न राज्यों से 20 मार्च के बाद जो भी लोग यहां आए हैं, सभी की कोरोना की जांच कराई जाएगी।
डीएम ने बताया कि दूसरे राज्यों में कई लोगों में कोरोना का लक्षण नहीं मिलने एवं बाद में जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह निर्णय सरकार के स्तर पर लिया गया है। वहीं जिले में 20 मार्च के बाद बाहर से आए 50 लोगों की कोरोना की जांच कराई गई। डीएम ने बताया कि वैशाली के लिए राहत की बात है कि सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वैशाली जिले में अब तक कोरोना पॉजिटिव एक भी केस नहीं मिला है। डीएम ने बताया कि बाहर से आए लोगों में करीब 170 को सरकारी स्तर पर पंचायतों एवं प्रखंड में बने सेंटरों पर क्वारंटाइन में रखा गया है। इन सभी लोगों की कई स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
डीएम ने बताया कि क्वारंटाइन में रखे गए लोगों की तीन स्तर पर गहन मॉनिटरिग प्रतिदिन की जा रही है। प्रत्येक दिन सेंटर पर जाकर जहां आशा कार्यकर्ता फीवर समेत करोना के अन्य लक्षणों की जांच कर रहीं हैं, वहीं पीएचसी के स्तर से मेडिकल टीम एवं प्रखंड के अधिकारी सभी से मोबाइल पर संपर्क कर स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं। जबकि जिला स्तर के अधिकारी भी लगातार गहन मॉनिटरिग कर रहे हैं। तीनों स्तर पर जांच में अगर किसी भी व्यक्ति में कोरोना का लक्षण मिलेगा तो जांच कराई जाएगी। डीएम ने बताया कि वैसे लोग जो पहले से टीबी या अन्य रोग से बीमार हैं, उनकी भी जांच कराई जाएगी। इस मौके पर डीडीसी विजय प्रकाश मीणा, सिविल सर्जन डॉ. इंद्रदेव रंजन समेत कई अधिकारी उपस्थित थे। चार श्रेणियों में बांटे गये हैं बाहर से आने वाले लोग डीएम ने बताया कि जिले में लॉकडाउन के दौरान विभिन्न राज्यों से आये परदेसियों की जांच व क्वारंटाइन के लिए उन्हें चार श्रेणियों में बांटा गया है। विदेश से आये 50 लोगों की जांच के लिए उनके सैंपल को पटना भेजा गया था, सभी के रिपोर्ट निगेटिव हैं। 29, 30 व 31 मार्च के दौरान बड़ी संख्या में बाहर से लोग आये हैं, उन्हें क्वारंटाइन करने के लिए प्रखंड व पंचायत स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर बनाये गये हैं। वहां खाने-पीने की व्यवस्था आपदा विभाग की ओर से की गयी है। लोगों को क्वारंटाइन कराने के लिए प्रखंड स्तरीय अफसरों व जनप्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से बैठक भी की गयी है। इसके अलावा 24 मार्च से जो लोग एमपी, दिल्ली, कर्नाटक, केरल राज्यों से आये हैं, उन्हें भी क्वारेंटीन करने के साथ-साथ उनकी मॉनिटरिग की जा रही है